अब डीएनए टेस्ट के लिए किसी के साथ जबर्दस्ती नहीं की
जा सकती, न ही मजबूर नहीं किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट
ने शुक्रवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान इस तरह की
जबर्दस्ती को ‘निजता के अधिकार का हनन’ करार दिया है।
बता दें सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि डीएनए टेस्ट का
आदेश सामान्य रूप से नहीं, बल्कि उचित मामलों में ही दिया
जाना चाहिए।
